समय-समय पर कुछ ऐसे विद्वान होते हैं जो शास्त्रीय ज्ञान को साधारण लोगों के साथ जोड़ देते हैं. उनका काम यह सिद्ध करता है कि समाजशास्त्र जैसी कठिन विधा को अकादमिक दायरों से बाहर ला के समाज में रखा जा सकता है. जेम्स सी. स्कॉट ऐसे ही राजनीतिशास्त्री थे. आधी शताब्दी में फैले उनके अध्ययन के केंद्र में समाज और राज के संबंध ही रहे.
जब जुलाई २०२४ में उनका देहान्त हुआ, तब तक वे अपनी विधा को अभिजन और शासक वर्ग की सीमा से बाहर खींच लाये थे.